विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर - Future Study Point

विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर

विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर

विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर

विलयन एक समांगी मिश्रण है जिसमें दो घटक विलेय और विलायक एक दूसरे में पूरी तरह से घुल जाते हैं, उदाहरण के लिए पानी(विलायक) और नमक।(विलेय) का मिश्रण एक विलयन है । कोलाइड एक असमांगी मिश्रण है जो अपने कणों के मध्यम आकार के कारण एक समांगी मिश्रण की तरह दिखता है, उदाहरण के लिए दूध, इसके दो घटक हैं परिक्षिप्त प्रावस्था (क्रीम) और परिक्षेपण माध्यम (पानी), परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम क्रमशः विलयन में विलेय और विलायक के समकक्ष हैं। निलंबन एक अस्थायी असमांगी मिश्रण है, इसके कणों का आकार इतना बड़ा होता है कि इन्हे खाली आंखों से देखा जा सकता है और गुरुत्वाकर्षण के कारण इसके कण बनने के तुरंत बाद तली में बैठ जाते हैं।

विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर

 

विषय सूची

  • विलयन के लक्षण
  • निलंबन की लक्षण
  • कोलाइड की लक्षण
  • विलयन, कोलाइड और सस्पेंशन के बीच अंतर
  • विलयन, कोलाइड, और निलंबन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विलयन के लक्षण

(i)विलयन एक वास्तविक विलयन है जिसमें विलेय के कण एक विलायक में पूरी तरह से घुल जाते हैं।

(ii)किसी विलयन में विलेय के कणो का आकार इतना छोटा होता है कि उसे ज्यादा क्षमता वाले सूक्ष्मदर्शी से भी नहीं देखा जा सकता है।
विलयन एक समांगी मिश्रण है।
(iii)विलयन स्थायी होता है तथा इसमें उपस्थित विलेय के कण अबाधित अवस्था में
तली में नहीं बैठते है।
(iv)विलयन में विलेय के कणों को फिल्टर पेपर द्वारा अलग नहीं किया जा सकता है।
विलयन पारदर्शी होता है।
(v)किसी विलयन में विलेय के कणों का आकार 10-9 m से कम होता है
(vi)कम मात्रा में दूसरे पदार्थ में घुलने वाले पदार्थ को विलेय कहते हैं और जिस अधिक मात्रा वाले पदार्थ विलेय घुलता हैं उसे विलायक कहा जाता है।

निलंबन के लक्षण

(i)निलंबन एक असमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय के कण विलायक में निलंबित रहते हैं।
निलंबन अस्थायी होता है
(ii)विलेय के कण कुछ ही समय में अबाधित अवस्था में रखते हुए तली में बैठ जाते हैं।
निलंबन अपारदर्शी होता है।
(iii)निलंबन में विलेय के कण फिल्टर पेपर के छिद्रों से नहीं गुजर सकते है।
(iv)निलंबन में विलेय के कणों का आकार 10-6 m मीटर से अधिक होता है।
(v)निलंबन में कणों को खाली आंखों या साधारण सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखा जा सकता है।

कोलाइडल विलयन के लक्षण

(i)कोलाइड एक असमांगी मिश्रण होता है जिसमें कणो का आकार विलयन के कणो के आकार से अपेक्षाकृत बड़ा होता है। कोलाइड में परिक्षिप्त प्रावस्था (यानी विलेय) परिक्षेपण माध्यम (यानी विलायक) में मध्यम रूप से घुला होता है।

(ii)कोलाइड विलयन एक असमांगी मिश्रण है।
(iii)कोलाइड विलयन स्थायी होता है और इसके कण अबाधित अवस्था में रखने पर तली में नहीं बैठते हैं।
(iv) कोलाइड विलयन पारभासी होता है (अर्थात प्रकाश का कूछ अंश इससे गुजर सकता है)।
(v)कोलाइड विलयन में परिक्षिप्त प्रावस्था के कणों को खाली आँखों से नहीं देखा जा सकता है लेकिन एक ज्यादा क्षमता वाले सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखा जा सकता है।
(vi)कोलॉइड विलयन के कणों को साधारण फिल्टर पेपर से अलग नहीं किया जा सकता है।
(vii)परिक्षिप्त प्रावस्था के कणों का आकार (1 से 100 nm) के बीच होता है अर्थात 10-9 m to 10-7 m ।

Difference between Solution, Colloid, and Suspension

 

    विलयन      कोलाइड    निलंबन
विलयन एक समांगी मिश्रण है।कोलाइड एक ऐसा मिश्रण है जो समांगी मिश्रण की तरह दिखता है लेकिन वास्तव में यह एक विषमांगी मिश्रण होता है।निलंबन एक विषमांगी मिश्रण होता है।
विलयन के घटक विलेय और विलायक होते हैं।कोलाइड के घटक परिक्षेपण माध्यम और परिक्षिप्त प्रावस्था होते हैं।निलंबन के घटक निलंबित कण और तरल होते हैं।
विलयन के कणों का आकार सबसे कम होता है।कोलॉइडी कणों का आकार मध्यम होता है।निलंबन के कणों का आकार सबसे बड़ा होता है
दोनों घटक एक दूसरे में पूरी तरह से घुल जाते हैं।दोनों घटक एक दूसरे में मध्यम रूप से घुले होते हैं।दोनों घटक एक दूसरे में घुले नहीं होते हैं।
कणों का आकार 10-9 m से कम होता है। कणों का आकार 10-6 m – 10-9m के बीच होता है।

 

कणों का आकार 10-9m से अधिक होता है। 
विलयन टिन्डल प्रभाव नहीं दिखाता है क्योंकि इसके कण बहुत
छोटे होते हैं इसलिए जब प्रकाश को विलयन से गुजरने दिया जाता है, तो प्रकाश कणो के द्वारा बिना प्रकीर्णित और परावर्तित हूए इसके माध्यम से निर्गित हो जाता है इसलिए प्रकाश विलयन के माध्यम में नहीं देखा जा सकता।
कोलाइड टिंडल प्रभाव दिखाता है क्योंकि इसके कणों का
आकार विलयन के कणों केआकार से अधिक होता है, जिसके कारण इसके कण प्रकाश को प्रकीर्णित कर लेते हैं जिसके परिणामस्वरूप
प्रकाश पुंज को कोलाइड के माध्यम से देखा जा सकता है जब प्रकाश पुंज को इसके माध्यम से गुजरने दिया जाता है। इसमें दिखाई देने वाली प्रकाश की पट्टी का रंग कणों के आकार पर निर्भर करता है।
निलंबन टिंडल प्रभाव दिखाता है, इसके कणों के अधिक आकार के कारण, इसके कणों को खाली आंखों से देखा जा सकता है, जब प्रकाश पुंज को इसके माध्यम से गुजरने दिया जाता है। परिणामस्वरूप प्रकाश की एक पट्टी इसके कणों द्वारा प्रकाश के परावर्तन के कारण निलंबन के माध्यम से दिखाई देती है।

 

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