...

Future Study Point

कोशिका(Cell) की संरचना और कार्य: Cell Biology

कोशिका(Cell) की संरचना और कार्य: Cell Biology

कोशिका(Cell) की संरचना और कार्य: Cell Biology

कोशिका की संरचना और कार्य: Cell Biology पोस्ट में जान्तुओं और पौधों की कोशिकाओं के आकार, प्रकार, संरचना और कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है ।कोशिका सभी जीवित जीवों में सभी जीवन प्रक्रियाओं की सबसे छोटी संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, यही कारण है कि एक जीवित जीव के जन्म से लेकर मृत्यु तक कोशिका की कार्यप्रणाली जिम्मेदार होती है। नर और मादा की प्रजनन कोशिकाओं का संलयन एक नए जीव की कोशिका बनाता है, नए जीव की वृद्धि नई कोशिकाओं के विकास के कारण होती है और एक निश्चित समय अवधि के बाद, कोशिकाओं का क्षय होने लगता है जिसके परिणामस्वरूप जीवित जीवों की सभी जीवन प्रक्रियाएं कम होने लगती हैं और पतन शुरू हो जाता है, इसलिए हमें अपने शरीर के अंदर इस प्राकृतिक घटना का मुकाबला करने के लिए व्यायाम और योग के माध्यम से अपने शरीर को स्वस्थ रखने की आवश्यकता होती है।

कोशिका(Cell) की संरचना और कार्य: Cell Biology

 

cell Biology की विषय सूची

  • कोशिका की संरचना और कार्य का आधारभूत विवरण
  • प्लाज्मा झिल्ली
  • कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों का स्थानांतरण
  • हाइपोटोनिक, आइसोटोनिक और हाइपरटोनिक विलयन
  • कोशिका का केंद्रक
  • कोशिकाओं के प्रकार
  • कोशिका अंगक
  • कोशिका विभाजन, मिटोसिस और मियोसिस

कोशिका(Cell) की संरचना और कार्य: Cell Biology

रॉबर्ट हुक ने अपने स्व-डिज़ाइन किए गए माइक्रोस्कोप के माध्यम से कॉर्क के डिज़ाइन का अवलोकन किया और पाया कि यह एक मधुमक्खी के छत्ते जैसा दिखता है जिसमें कई छोटे एक समान संरचित अनुभाग(इकाइयां) होते हैं। कॉर्क जिन छोटी इकाइयों से बना है, उन्हें ‘सेल(कोशिका)’ नाम दे दिया गया जिसका अर्थ है छोटा कमरा। कॉर्क एक अभेद्य (जिसमें से होकर द्रव या गैस नहीं जा सकते)पदार्थ है जो पौधे की छाल के ऊतक से प्राप्त होता है जो जलविरागी पदार्थ सुबेरिन से बना होता है और द्रव के प्रवाह को रोकने के लिए उपयोग किया जाता है,आपने यह किसी पेय की बोतल के ढक्कन के रूप में लगा देखा होगा।

शूक्ष्मदर्शी के आविष्कार से सूक्ष्म जीवी दुनिया की खोज हुई। अब यह ज्ञात है कि अमीबा, पैरामीशियम और बैक्टीरिया के रूप में एक एकल कोशिका पूरे जीव का गठन कर सकती है। इन जीवों को एककोशिकीय जीव कहा जाता है। दूसरी ओर कई कोशिकाएं एक ही शरीर में एक साथ समूह बनाती हैं और बहुकोशिकीय जीवों जैसे कुछ कवक, पौधों और जन्तुओं में शरीर के विभिन्न अंगों को बनाने के लिए इसमें विभिन्न कार्य करती हैं।

विभिन्न जैव प्रक्रियाओं(जैंसे वृद्धि एवं विकास, प्रजनन, तथा अनुकूलन) के कारण कोशिकाएं विभिन्न प्रकार की हो सकती हैं उदाहरण के तौर पर इन्शानों में शरीर के विभिन्न भागों में कोशिकाओं का आकार और डिजाइन उनके द्वारा किए जाने वाले विशिष्ट कार्य से संबंधित होते हैं। जिस प्रकार शरीर के सभी अंगों का अलग-अलग कार्य होता है, उसी प्रकार कोशिका में भी अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग अंगक होते हैं जिन्हें कोशिकांग कहते हैं। कोशिका अंगकों की भूमिका शरीर के अंगों को उनके विशिष्ट कार्य के लिए आवश्यक पदार्थों का निर्माण करना है। जीवों में सभी कोशिका अंगक लगभग सभी प्रकार की कोशिकाओं में समान होते हैं लेकिन कोशिका के प्रकार के आधार पर उनके अलग-अलग कार्य हो सकते हैं।

प्लाज्मा झिल्ली: प्लाज्मा झिल्ली कोशिका का सबसे बाहरी आवरण होता है जो कोशिका की सामग्री को उसके बाहरी वातावरण से अलग करता है।प्लाज़्मा झिल्ली विसरण और परासरण की क्रिया के फलस्वरूप कुछ पदार्थों को कोशिका के अंदर और बाहर जाने देती है। यह कुछ अन्य पदार्थों के संचलन को भी रोकती है, यही कारण है कि प्लाज्मा झिल्ली को चयनित अर्धपारगम्य झिल्ली कहा जाता है।

कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों का स्थानांतरण:

कार्बन डाइऑक्साइड या ऑक्सीजन जैसे कुछ पदार्थ विसरण की प्रक्रिया के द्वारा कोशिका झिल्ली के आर-पार जा सकते हैं, यह वह प्रक्रिया है जिसमें उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र में पदार्थ का सहज संचलन होता रहता है। कोशिकीय श्वसन की प्रक्रिया के दौरान अपशिष्ट उत्पाद CO2 का बाहर निकलना जारी रहता है, बाहरी वातावरण में CO2 की कम सांद्रता (रक्त वाहिकाओं यानी नसों में CO2) की तुलना में कोशिका के अंदर CO2 की सांद्रता बढ़ जाती है, CO2 की सांद्रता में अंतर कोशिका के अंदर से बाहर की ओर सहज प्रवाह को बनाए रखता है उसी तरह धमनी से जुड़ी रक्त केशिकाओं में O2 की सांद्रता कोशिका के अंदर O2 की कम सांद्रता की तुलना में अधिक होती है। सान्द्रता में अंतर कोशिका के बाहर से भीतर की ओर O2 के सहज प्रवाह को बनाए रखता है।

पानी भी विसरण के नियम का पालन करता है, H2O की सांद्रता पानी में घुले पदार्थों पर निर्भर करती है। एक अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च सांद्रता से कम सांद्रता की ओर पानी के प्रवाह को परासरण के रूप में जाना जाता है जब तक कि कोशिका के अन्दर-बाहर संतुलन नहीं हो जाता।

हाइपोटोनिक, आइसोटोनिक और हाइपरटोनिक विलयन:

हाइपोटोनिक विलयन: अगर कोशिका के अंदर पदार्थ की सांद्रता बाहरी वातावरण की तुलना में अधिक होती है तो पदार्थ का प्रवाह अंदर से बाहर की ओर होता है, ऐसे विलयन को हाइपोटोनिक विलयन के रूप में जाना जाता है।

हाइपरटोनिक विलयन:  कोशिका के अंदर पदार्थ की सांद्रता वातावरण के बाहर की सांद्रता से कम होती है तो पदार्थ का प्रवाह कोशिका के बाहर से अंदर की ओर होता है, तो ऐसे विलयन को हाइपरटोनिक विलयन के रूप में जाना जाता है।

आइसोटोनिक विलयन: यदि कोशिका के अंदर पदार्थ की सांद्रताता कोशिका के बाहर पदार्थ की सांद्रता के बराबर है तो कोशिका के दोनों ओर से पदार्थ का प्रवाह नहीं होता है, तो ऐसे विलयन को आइसोटोनिक विलयन के रूप में जाना जाता है।

कोशिका भित्ति: प्लाज़्मा झिल्ली के अलावा पादप कोशिका में एक और कठोर बाहरी आवरण भी होता है जिसे कोशिका भित्ति कहा जाता है। पादप कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेलूलोज़ से बनी होती है जो एक जटिल पदार्थ है जो पौधों को संरचनात्मक शक्ति प्रदान करता है।

प्लास्मोलिसिसः परासरण की प्रक्रिया के माध्यम से एक जीवित पादप कोशिका द्वारा जल के ह्वास के परिणामस्वरूप पादप कोशिका के अंदर की सामग्री का सिकुड़ना प्लास्मोलिसिस के रूप में जाना जाता है।

कोशिकांगों का अवलोकन: हम आयोडीन विलयन या मेथिलीन ब्लू का प्रयोग करके कोशिकांगों का निरीक्षण कर सकते हैं जो कोशिकाओं के विभिन्न क्षेत्रों को उनमें अलग-अलग रासायनिक पदार्थों की उपस्थिति के अनुसार अलग-अलग रंग देते हैं।

कोशिका का केंद्रक

केंद्रक: केंद्रक में एक दोहरी परतदार कवर होता है जिसे केंद्रक झिल्ली कहा जाता है। केंद्रक झिल्ली में छिद्र होते हैं जो पदार्थ को नाभिक के अंदर से इसके बाहर स्थानांतरित करने की अनुमति देते हैं। केंद्रक में गुणसूत्र होते हैं, जो छड़ के आकार की संरचनाओं के रूप में दिखाई देते हैं। गुणसूत्र में डीएनए अणुओं के रूप में अनुवांशिक जानकारी होती है। गुणसूत्र डीएनए और प्रोटीन से बने होते हैं।

जीन: जीन डीएनए के क्रिर्यात्मक खंड हैं, उस अवस्था में जब कोशिका विभाजित नहीं होने वाली होती है, डीएनए क्रोमैटिन पदार्थ के एक भाग के रूप में मौजूद होता है। क्रोमैटिन पदार्थ धागे जैसी संरचनाओं के उलझे हुए द्रव्य के रूप में दिखाई देती है, जब भी कोशिका विभाजित होने वाली होती है, क्रोमैटिन पदार्थ गुणसूत्र में व्यवस्थित हो जाता है।

केंद्रक की भूमिका:

1-कोशिकीय प्रजनन
2-कोशिका की रासायनिक गतिविधि को निर्देशित करता है

कोशिकाओं का प्रकार

प्रोकैरियोटिक कोशिका: कुछ जीवों में जैसे बैक्टीरिया जिनमें केंद्रक झिल्ली नही पायी जाती है, उन्हें प्रोकैरियोट्स (आदिम) कहा जाता है, ऐसे जीवों में न्यूक्लियॉइड(केन्द्रकाभ) होता है जिसमें न्यूक्लिक एसिड होता है। प्रोकैरियोटिक कोशिका में अधिकांश कोशिकांगो का भी अभाव होता है। कोशिका अंगक झिल्लियों से घिरे नहीं होते हैं। इन कोशिकाओं में एकल गुणसूत्र होते हैं।

वायरस की कोशिका: वायरस में  झिल्ली की कमी होती है और इसलिए जब तक वे एक जीवित शरीर में प्रवेश नहीं करते हैं और दूसरे जीवों की कोशिका की मशीनरी का उपयोग नहीं करते हैं, तब तक उनमें जीवन की विशेषताएं नहीं दिखती हैं।

यूकेरियोटिक कोशिका: केन्द्रक झिल्ली वाली कोशिकाओं वाले जीव को यूकेरियोट्स के रूप में जाना जाता है जैसे अमीबा, बहुकोशिकीय जीव। सभी कोशिका अंग झिल्लियों से घिरे होते हैं। इन कोशिकाओं में एक से अधिक गुणसूत्र होते हैं।

कोशिका द्रव्य: कोशिका द्रव्य प्लाज्मा झिल्ली के अंदर एक तरल पदार्थ है। इसमें कई विशिष्ट कोशिकांग भी शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक कोशिकांग कोशिका के लिए एक विशिष्ट कार्य करता है।

कोशिका अंगक:

प्रत्येक कोशिका के चारों ओर एक झिल्ली होती है जो अपनी सामग्री को बाहरी वातावरण से अलग रखती है।कोशिकाओं की संरचना जटिल होती है और इसके कार्यों को पूरा करने के लिए बहुत सारी रासायनिक क्रियाओं की आवश्यकता होती है, इसलिए कोशिकाएं अपने भीतर झिल्ली-बद्ध छोटी संरचनाओं का उपयोग करती हैं जिन्हें कोशिका अंगक के रूप में जाना जाता है। इनमें से कुछ कोशिका अंगक साधारण सूक्ष्मदर्शी द्वारा नहीं देखे जा सकते, इन्हें इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है। कोशिका में कुछ कोशिका अंगक केन्द्रक, अंतर्दव्यी जालिका(ER), गोल्गी उपकरण, लाइसोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया और प्लास्टिड हैं जो कोशिकाओं में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

अंतर्दव्यी जालिका(ER):

अंतर्दव्यी जालिका(ER) झिल्ली-बद्ध ट्यूबों और शीट्स का एक बड़ा नेटवर्क है, यह लंबी नलिकाओं या गोल या आयताकार बैग जैसा दिखता है। ER झिल्ली प्लाज्मा झिल्ली की संरचना के समान होती है।अंतर्दव्यी जालिका(ER)दो प्रकार की होती हैं

(i) खुरदुरीअंतर्दव्यी जालिका(RER): RER माइक्रोस्कोप जरिए खुरदरा दिखता है क्योंकि इसकी सतह पर राइबोसोम नामक कण होते हैं, ये प्रोटीन निर्माण के स्थल हैं। निर्मित प्रोटीन को आवश्यकता के आधार पर कोशिका में विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है।

(ii) चिकनी अंतर्दव्यी जालिका (SER): SER वसा अणुओं, या लिपिड के निर्माण में मदद करता है, जो कोशिका के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। इनमें से कुछ प्रोटीन और लिपिड कोशिका झिल्ली के निर्माण में मदद करते हैं, इस प्रक्रिया को मेम्ब्रेन बायोजेनेसिस के रूप में जाना जाता है। SER हमारे शरीर द्वारा निर्मित कई जहर, रसायनो और रेडिकल्स को डिटॉक्स करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ER का कार्य कोशिका द्रव्य के विभिन्न क्षेत्रों के बीच या कोशिका द्रव्य और केन्द्रक के बीच पदार्थ (विशेष रूप से प्रोटीन) के परिवहन के लिए एक चैनल के रूप में काम करना है।

गोल्गी उपकरण:

गोल्गी उपकरण में झिल्ली-बद्ध पुटिकाओं (चपटी थैलियों) की एक प्रणाली होती है, जो ढेर में एक दूसरे के समानांतर होती हैं, जिन्हें सिस्टर्न कहा जाता है। इन झिल्लियों का ER की झिल्लियों से संबंध होता है और यह झिल्लियों के तंत्र के दूसरे हिस्से का निर्माण करती हैं। ER के पास संश्लेषित सामग्री को गोल्गी तंत्र के माध्यम से कोशिका के अंदर और बाहर विभिन्न लक्ष्यों के लिए पैक करके भेजा जाता है। गोल्गी उपकरण का कार्य उत्पादों को पुटिकाओं में संग्रहीत, संशोधित और पैकेजिंग करना है। उदाहरण के तौर पर गॉल्जी उपकरण में साधारण चीनी से जटिल शर्करा बनाई जाती है।

परीक्षा के लिए उपयोगी science notes Class 9

संगलन की गुप्त ऊष्मा और वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा क्या होती है?

आण्विक द्रव्यमान,मोलर द्रव्यमान और मोल संकल्पना

वाष्पन(Evaporation) की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले कारक कौन से हैं?

द्रव्यमान और भार में क्या अंतर है

CBSE बोर्ड और  Entrance Exams के लिए कक्षा 9 और 10 के important science Notes

दूरी (Distance)और विस्थापन(Displacement) में क्या अंतर है

न्यूटन के गति के तीन नियम

चिकनी अंतर्दव्यी जालिका(SER) और खुरदुरीअंतर्दव्यी जालिका(RER) के बीच अंतर

माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)के कार्य एवं संरचना

जड़त्व क्या है?इसके प्रकार और उदाहरण

विलयन, कोलाइड और निलम्बन के बीच अंतर

चाल और वेग में क्या अंतर है?

संवेग: परिभाषा, मात्रक, सूत्र और वास्तविक जीवन में उपयोग: कक्षा 9 सीबीएसई

परमाणु और अणु में क्या अंतर है?

प्रोकैरियोटिक कोशिका और यूकेरियोटिक कोशिका में क्या अंतर है?

डीएनए प्रतिलिपीकरण का महत्व और जीवों में विविधता।

गुणशूत्र, डीएनए और जीन क्या होते हैं?

कार्य, ऊर्जा और शक्ति परिभाषा, शूत्र,मात्रक उदाहरण सहितः कक्षा 9 सीबीएसई

ग्रीनहाउस प्रभाव क्या है?

तरंगदैर्घ्य क्या है?

परमाणु और आयन के बीच अंतर: कक्षा 9 सीबीएसई साइंस

गतिजऔर स्थतिज ऊर्जा के बीच अंतर और उनके सूत्रों का सत्यापन

जन्तु कोशिका और पादप कोशिका में अंतर

कोशिका में प्लाज्मा झिल्ली का क्या काम होता है?

Link for online shopping

Future Study Point.Deal: Cloths, Laptops, Computers, Mobiles, Shoes etc

आप इनका भी अध्यन कर सकते हैं।

कक्षा 8 अध्याय 9 के लिए एनसीईआरटी सौल्युशन(हिन्दी में) जन्तुओ में जनन

कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 10 का एनसीईआरटी सौल्युशन (हिन्दी में)किशोरावस्था की ओर

रेडॉक्स या अपचोपचय अभिक्रियाएं :अपचयन और उपचयन या ऑक्सीकरण अभिक्रियाएं

गुणशूत्र, डीएनए और जीन क्या होते हैं?

शाम और सुबह के समय सूरज लाल रंग का क्यों दिखाई देता है : पूरी जानकारी

संवेग: परिभाषा, मात्रक, सूत्र और वास्तविक जीवन में उपयोग: कक्षा 9 सीबीएसई

इंद्रधनुष धनुष की तरह क्यों दिखता है?

आसमान का रंग नीला क्यों दिखाई देता है?

आभासी और वास्तविक प्रतिबिम्ब में क्या अंतर है?

अपवर्तनांक, सापेक्ष अपवर्तनांक, निरपेक्ष अपवर्तनांक , क्रांतिक कोणऔर आन्तरिक परावर्तन क्या हैं?

तत्व और यौगिक में अंतर

कैल्शियम और मैग्नीशियम पानी की सतह पर क्यों तैरते हैं?

 

 

Scroll to Top
Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.